तेरे आने का असर... तेरे आने की खबर
देख ज़रा... मुझसे क्या सब कह रही हैं...
ये हल्की-हल्की पवन... क्यूँ मुझे मोहने लगी|
बरसेंगे बादल... देखो कलियाँ भी खिलने लगी|
कौन जाने क्या रुत छाये...अब बरसों बाद
क्यूँ ये मन गाने लगा है... इस तरह बरसों बाद ।
तेरा इंतज़ार करती निगाहें, क्या और कैसे कहेंगी सब
वो लबों की ख़ामोशी, तुम खुद ही समझ जाना।
अब तकदीर हमारी, ये कलम क्या लिखेगी
खुद रब् ने नवाज़ा, अपनी रहमत से
ये साँसे क्या कहेंगी, तुम खुद ही समझ जाना।
-''आरोही''
-''आरोही''
